दरभंगा, सहरसा और खगड़िया में नाव दुर्घटनाओं में अब तक 15 की मौत, बांकी की तलाश जारी, मुख्यमंत्री ने किया मुआवजे की घोषणा

पटना, न्यूज़ डेस्क, एमएम : बिहार में एक तरफ बाढ़ ने तबाही मचा रखी है तो दूसरी तरफ कोरोना से लोग परेशान हैं।  बुधवार को बाढ़ के दौरान तेज आंधी में फंसकर खगड़िया, सहरसा एवं दरभंगा में अलग-अलग नाव दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 15 लोगों की मौत हो गई। मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने इसपर संवेदना व्यक्त करते हुए मृतकों के स्‍वजनों को अविलम्ब सहायता राशि देने का आदेश दिया है। उन्‍होंने राज्‍य के बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण भी किया। साथ ही बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए बनाए गए कैंप और विस्थापितों के लिए चलाई जा रही सामुदायिक रसाई का भी निरीक्षण किया।

मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने बीते दिन राज्‍य में हुई नौका दुर्घटनाओं को दुखद बताते हुए कहा है कि उन्‍होंने मृतकों के स्‍वजनों को सहायता राशि के भुगतान के लिए संबंधित जिला प्रशासन को आदेश दिया है। इसके पहले खगड़िया में हुई नौका दुर्घटना को लेकर नेता प्रतिपक्ष तेजस्‍वी यादव ने भी ट्वीट कर शोक प्रकट किया था।

बतादें कि खगड़िया में मंगलवार की रात उफनती बूढ़ी गंडक में एक नाव डूब गई। दुर्घटना खगड़िया एवं मानसी के बीच पांच किलोमीटर घाट पर हुई। तेज आंधी की चपेट में आकर नाव पलट गई। बुधवार तक नौ शव निकाले जा चुके थे। आधा दर्जन से अधिक लोग लापता बताए जा रहे हैं। घटना को लेकर नाव मालिक व नाविक पर एफआइआर दर्ज की गई है।

उधर, सहरसा के सलखुआ थाना क्षेत्र के चिरैया ओपी अंतर्गत बगुलबा टोल के समीप मंगलवार की शाम में आंधी-तूफान के साथ बारिश में करीब 15 लोगों से भरी नाव पलट गयी। दुर्घटना के बाद लापता लोगों में तीन के शव बुधवार तक बरामद कर लिए गए बांकी की तलाश जारी है।

दरभंगा के हुनमान नगर में भी आंधी में फंसकर एक नाव पल गई। दुर्घटना में 13 लोग डूबने लग, जिनमें 10 को बचा लिया गया। तीन की डूबने से मौत हो गई।

गौरतलब है कि बिहार में बाढ़ के कारण जान-माल की क्षति हो रही है। राहत और बचाव के लिए एनडीआएफ की 23 टीमें 14 जिलों में तैनात की गईं हैं। एनडीआरएफ ने अभी तक 11400 लोगों को बाढ़ प्रभावित इलाकों से निकाले हैं।

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