फिर रफ्तार पकड़ेगी कोच्चि एक्सप्रेस, श्रीसंत का दावा, खेल सकता हूं 2023 का वर्ल्ड कप

दिल्ली, न्यूज़ डेस्क, एमएम : कोच्चि एक्सप्रेस के नाम से मशहूर हुए तेज गेंदबाज एस श्रीसंत के लिए सात साल पहले इंडियन प्रीमियर लीग बुरा सपना बन गया था।  अब वह माइकल जॉर्डन के पूर्व ट्रेनर टिम ग्रॉवर से ‘मेंटल कंडिशनिंग’ का सबक सीखकर खेल में वापसी की तैयारियों में जुटे हैं। क्रिकेट में लंबे समय बाद वापसी के लिए श्रीसंत कोई भी कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। वह राष्ट्रीय बास्केटबॉल लीग के मशहूर ‘फिजिकल एवं माइंड ट्रेनिंग कोच’ टिम ग्रॉवर से ऑनलाइन ‘मेंटल कंडिशनिंग’ की क्लास लेने के लिए तड़के पांच बजे उठ जाते हैं।

जानकारी के मुताबिक श्रीसंत हफ्ते में तीन दिन सुबह साढ़े पांच बजे से साढ़े आठ बजे तक ‘ग्रॉवर के साथ ऑनलाइन सत्र में हिस्सा लेते हैं।  श्रीसंत के मुताबिक इसके बाद वो अर्नाकुलम में इंडोर नेट में दोपहर डेढ़ बजे से शाम छह बजे तक ट्रेनिंग करते हैं। जहां केरल अंडर-23 और रणजी ट्रोफी के काफी खिलाड़ी जैसे सचिन बेबी होते हैं।’

बतादें कि आईपीएल 2013 में स्पॉट फिक्सिंग प्रकरण में कथित रूप से शामिल होने के लिए सात साल का निलंबन झेल चुके भारत के प्रतिभाशाली स्विंग गेंदबाजों में से एक श्रीसंत अब फिर से केरल के लिए सफेद रंग की ड्रेस पहनने के लिए तैयारी में जुटे हैं लेकिन यह तो उनके लक्ष्य का महज एक हिस्सा है। अब सवाल उठता है कि क्या वह 2021 आईपीएल नीलामी में अपना नाम रखेंगे? तो उन्होंने कहा, ‘अगर मैं अच्छा प्रदर्शन करता हूं तो मैं निश्चित रूप से ऐसा करूंगा और मुझे अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है।’

इस साल रणजी ट्राफी में केरल के लिए खेलने को तैयार श्रीसंत ने कहा, ‘कुछ टीमों की दिलचस्पी होगी और मैंने हमेशा खुद से कहा है कि मैं फिर से आईपीएल में खेलूंगा। वहीं से मुझे बाहर किया गया और मैं सुनिश्चित करूंगा कि मैं फिर से उसी मंच पर वापसी करूं और मैच जीतूं।’ भारत के लिए 90 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 169 विकेट चटकाने वाले 37 वर्षीय श्रीसंत ने कहा, ‘जिस स्थान से मैं जवाब दे सकता हूं, वह एकमात्र स्थल आईपीएल है, भले ही मैं भारत के लिए खेल लूं। मैं उस भय का सामना करना चाहता हूं और जिंदगी जीने का यही तरीका है।

उन्होंने कहा, ‘मुझे डर था कि जब मैं अगला क्रिकेट मैच खेलूंगा तो लोग क्या कहेंगे। मुझे पूरा भरोसा है कि वो सभी लोग महसूस करेंगे कि मैं किस दर्द से गुजरा हूं और कौन इसके पीछे हैं।’ श्रीसंत ने कहा, ‘सब कुछ सामने आ जाएगा। मैं सुनिश्चित करूंगा कि चयन के लिए मेरा प्रदर्शन योग्य हो।’

बतादें कि शांताकुमारन श्रीसंत ने जब भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था तो वे उस समय के भारत के सबसे ज्यादा प्रतिभाशाली गेंदबाज थे। यही कारण था कि वे साल 2007 में टी20 वर्ल्ड कप और साल 2011 के वनडे वर्ल्ड कप को जीतने वाली भारतीय टीम का हिस्सा थे। एस श्रीसंत ने दोनों फाइनल देश के लिए खेले।

स्पॉट फिक्सिंग के दोषी पाए जाने के बाद एस श्रीसंत को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड यानी बीसीसीआइ ने क्रिकेट से आजीवन बैन कर दिया था, लेकिन कोर्ट के चक्कर लगा-लगाकर उन्होंने अपने बैन को कम करा लिया। सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलने के बाद बीसीसीआइ के लोकपाल ने एस श्रीसंत का आजीवन बैन सात साल तक कर दिया था, जो कि सितंबर 2020 में खत्म हो रहा है।

इस बीच श्रीसंत भारतीय टीम में वापसी का सपना देख रहे हैं। एस श्रीसंत ने डेक्कन हेराल्ड से बात करते हुए कहा है, “मुझे अभी भी विश्वास है कि मैं 2023 विश्व कप में खेल सकता हूं।

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