नहीं रहे जाने-माने शास्त्रीय गायक पंडित जसराज, 90 साल की उम्र में अमेरिका में हुआ निधन

दिल्ली, एमएम : आज संगीत जगत के लिए बहुत गमगीन खबर है। जाने-माने शास्त्रीय गायक पंडित जसराज नहीं रहे। उनका अमेरिका के न्यू जर्सी में निधन हो गया है। वह 90 वर्ष के थे। उनका जन्म 28 जनवरी 1930 को हुआ था। मेवाती घराने के पंडित जसराज खयाल गायकी के शीर्षस्थ गायक थे। पण्डितजी के परिवार में उनकी पत्नी मधु जसराज, पुत्र सारंग देव और पुत्री दूर्गा हैं। 1962 में जसराज ने फिल्म निर्देशक वी.शांताराम की बेटी मधुरा शांताराम से विवाह किया, जिनसे उनकी पहली मुलाकात 1960 में मुंबई में हुई थी। उनकी बन्दिशें अत्यधिक लोकप्रिय हैं। अमेरिका के न्यू जर्सी में भी उनका घर है। वहां उनका संगीत का विद्यालय भी चलता है।

जसराज भारत के प्रसिद्ध शास्त्रीय गायकों में से एक थे। जसराज का संबंध मेवाती घराने से रहा। जसराज जब चार वर्ष उम्र में थे तभी उनके पिता पण्डित मोतीराम का देहांत हो गया था और उनका पालन पोषण बड़े भाई पंडित मणिराम के संरक्षण में हुआ।

प. जसराज ने संगीत दुनिया में 80 वर्ष से अधिक बिताए और कई प्रमुख पुरस्कार प्राप्त किए। उन्हें देश के प्रतिष्ठित सम्मान पद्मभूषण से सम्मानित किया गया था। इसके अलावे सुमित्रा चरत राम अवार्ड फॉर लाइफटाइम अचीवमेंट,  मारवाड़ संगीत रत्न पुरस्कार, संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, स्वाति संगीता पुरस्करम्,  संगीत काला रत्न,  मास्टर दीनानाथ मंगेशकर पुरस्कार , लता मंगेशकर पुरस्कार और महाराष्ट्र गौरव पुरस्कार से भी नवाजे गए।

शास्त्रीय और अर्ध-शास्त्रीय स्वरों के उनके प्रदर्शनों को एल्बम और फिल्म साउंडट्रैक के रूप में भी बनाया गया है। जसराज ने भारत, कनाडा और अमेरिका में संगीत सिखाया है। उनके कुछ शिष्य नामी संगीतकार भी बने हैं।

अंतरराष्ट्रीय खगोलीय संघ (IAU) ने 11 नवंबर, 2006 को खोजे गए हीन ग्रह 2006 VP32 (संख्या -300128) को पंडित जसराज के सम्मान में ‘पंडितजसराज’ नाम दिया था।

पंडित जसराज के निधन के समाचार के बाद संगीत प्रेमियों में शोक की लहर है। सोशल मीडिया पर उन्हें याद करते हुए लगातार श्रद्धांजलि दी जा रही है। अपने जीवनकाल में उन्होंने मेवाती घराने के 76 शिष्य तैयार किए। इनका जिक्र लेखक सुनील बुद्धिराजा की हाल ही में प्रकाशित पुस्तक रसराज-जसराज में मिलता है। उनकी पुत्री दुर्गा जसराज ने भी संगीत के साथ ही साथ टीवी के माध्यम से भी लोकप्रियता हासिल की।

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