गोपालगंज, दरभंगा और मुजफ्फरपुर में बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने पहुंची केंद्रीय टीम, बिहार सरकार के साथ 4 को करेगी बैठक

पटना/दिल्ली, एमएम : बिहार इस साल दो बड़े आपदा का सामना कर रहा है। एक तरफ वो कोरोना जैसे वैश्विक महामारी से सामना कर रहा है। तो दूसरी तरफ हरेक साल की भांति इस साल भी बाढ़ की विभीषिका से परेशान है। केंद्र सरकार की तरफ से हरसंभव मदद तो मिल रही है। इधर  बिहार में बाढ़ से हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीम बुधवार को पटना पहुंच चुकी है। छह सदस्यीय इस टीम का नेतृत्व गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव पीयूष गोयल कर रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक केंद्रीय टीम गुरुवार को गोपालगंज, मुजफ्फरपुर और दरभंगा का जायजा लेने गई है। वहीं, चार सितंबर को दिल्ली लौटने से पहले केंद्रीय टीम एक बार फिर बिहार सरकार के अधिकारियों के साथ बैठक करेगी। वैसे बुधवार को केंद्रीय टीम को पटना पहुंचने पर आपदा प्रबंधन विभाग ने बिहार में हुए बाढ़ से नुकसान के बारे में विस्तृत जानकारी दी। पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से बाढ़ से प्रभावित 16 जिले में हुए नुकसान की जानकारी दी गई। बैठक में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पथ निर्माण के अपर मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा, ग्रामीण कार्य के सचिव विनय कुमार, कृषि सचिव एन सरवानन और जल संसाधन सचिव संजीव हंस ने भी अपने-अपने विभाग की ओर से एक संक्षिप्त प्रेजेंटेशन देकर बाढ़ से हुए नुकसान के बारे में केंद्रीय टीम को जानकारी दी।

करीब दो घंटे तक चली बैठक में केंद्रीय टीम की ओर से पूछे गए हर सवाल का जवाब संबंधित विभाग के अधिकारियों ने दिया। आपदा के प्रधान सचिव प्रत्यय अमृत ने कहा था कि गुरुवार को सुबह केंद्रीय टीम जिलों के लिए रवाना हो जायेगी। केंद्रीय टीम की इच्छा के अनुसार इन जिलों में वे जहां भी भ्रमण करना चाहेंगे उन्हें जाने दिया जायेगा। वहीं, चार सितंबर को केंद्रीय टीम बिहार के अधिकारियों के साथ बैठक करेगी।

बतादें कि इस बार बाढ़ से बिहार के 16 जिलों की 130 प्रखंड की 1333 पंचायतें प्रभावित हुई है। जहां तक आबादी की बात है तो अभी तक करीब 86 लाख लोह भाद प्रभावित हैं। इतना ही नहीं बाढ़ से करोड़ों रुपये के फसल का भी नुकसान हो चुका है। अब तक बाढ़ से आपदा विभाग के मुताबिक 27 लोगों की मृत्यु हुई है। लेकिन हकीकत इससे कहीं ज्यादा है। वहीं कितने पशुओं की भी जान जा चुकी है।

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