तेजस्‍वी की बढ़ी मुश्किलें, मुकेश सहनी ने 25 सीटों के साथ उप मुख्‍यमंत्री पद की मांग

पटना, एमएम : बिहार मे चुनावी ऐलान के साथ राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। बिहार मे तीन चरण मे चुनाव होने हैं। सीट बंटवारे को लेकर राज्य के दोनों प्रमुख गठबंधन मे अभी भी पेंच फसा हुआ है। इधर महागठबंधन मे सीट को लेकर कुछ ज्यादा ही बैचेनी देखने को मिल रही है। घटक दल की मंशा के इतर राजद छोटे घटक दल को ज्यादा भाव देने के मूड मे नहीं है। अब राजद के लिए कुशवाहा के बाद मुकेश सहनी ने भी मुश्किलें बढ़ा दी है। मुकेश सहनी अपनी 25 सीटों की मांग पर अड़े हैं। उन्‍होंने 25 सीटों पर लड़ने की अपनी मजबूरी भी बताई है। इन 25 सीटों के साथ ही उन्होंने महागठबंधन के सामने एक उप मुख्यमंत्री पद की मांग भी रख दी है। सहनी के तेवर की वजह से फिलहाल महागठबंधन में उनकी नाव भंवर में नजर आ रही है। हालांकि वे लगातार दावा कर रहे हैं कि सबकुछ ठीक है और वे 25 सीटों पर चुनाव लडऩे जा रहे हैं।

मुकेश सहनी के नेतृत्व वाली वीआइपी का राजनीतिक सफर बेशक छोटा रहा है। मगर माछ पर चर्चा कर पुरे बिहार मे छा गए थे। अब उनकी राजनीतिक पार्टी भी लोगों की जुबान पर चढ़ गई है। एनडीए से राजनीति मे सियासी सपहर की शुरुआत करने वाले सहनी अब सह मात की खेल खेल रहे हैं। अभी वो महागठबंधन के हिस्सा हैं और पिछले लोकसभा चुनाव मे तीन सीट पर चुनाव भी उनकी पार्टी लड़ चुकी है।

शुरुआती दौर से उनकी निकटता राजद के साथ रही। जिसके कारण ही महागठबंधन के हिस्सा बने। अब रिश्तों मे तल्खी बढ़ती नजर आ रही है। अब सहनी लगातार 2020 विधानसभा चुनाव में 25 सीटों की दावेदारी का दबाव राजद पर बना रहे हैं। जबकि राजद सहनी को 10 सीटें देने को तैयार है। इसमें से छह पर सहनी के उम्मीदवार चुनाव मैदान में होंगे तो चार सीटों पर राजद के प्रत्याशी वीआइपी के सिंबल पर चुनाव लड़ेंगे।

सूत्र बताते हैं कि तमाम बातें तय होने के बाद भी सहनी लगातार थोड़ा ज्यादा की आस लगाए बैठे हैं। उनकी महत्वकांक्षा की वजह से फिलहाल तो उनकी नाव भंवर में नजर आ रही है, परन्तु राजनीति में कुछ भी असंभव नहीं का प्रचलित शब्द यहां भी मौजूद है। वीआइपी अध्यक्ष मुकेश सहनी कहते हैं कि कयासों पर जाने की दरकार नहीं। वीआइपी 25 सीटों पर चुनाव लड़ेगी और जीत कर भी दिखाएगी।

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