कांग्रेस के दो विधायकों ने भी थामा जदयू का दामन, रालोसपा प्रवक्ता अभिषेक झा और राजद विधायक भी हुए जदयू में शामिल

पटना,एमएम : बिहार में चुनाव होने वाले हैं। ऐसे में हर कोई अपनी  सीट सुरक्षित करना चाहता है। चुनावी राजनीति में दल बदल का खेल बदस्तूर जारी है। सभी अपने गणित सुलझाने में लगे है। सबसे ज्यादा विधायक और विधान पार्षद राजद छोड़ जदयू में शामिल हो गए हैं। ऐसा नहीं है कि जदयू से राजद में नहीं गए हैं। दल बदल करना चुनाव के समय स्वाभाविक प्रक्रिया से बन गई है। इसी कड़ी में आज कांगेस को बड़ा झटका लगा है। कांग्रेस के दो विधायक पूर्णिमा सिंह और सुदर्शन कुमार ने शुक्रवार को जदयू का दामन थम लिया। बतादें 2015 के चुनाव में कांग्रेस की टिकट पर गोविंदपुर से विधायक पूर्णिमा यादव  जीती थीं। वही बरबीघा से सुदर्शन कुमार कांग्रेस की   टिकट पर जीत दर्ज किया था। यह पांच साल के भित्यर तीसरी बार है जब कांग्रेस अपने विधायकों को बचने में असफल रही। हालांकि पार्टी नेतृत्व इन दोनों को निकालने पर विचार कर रही थी। लेकिन पार्टी का नेतृत्व हाथ मलते रह गया।

बता दें कि विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी कांग्रेस एक-एक सीट के लिए जद्दोजहद में लगी है। ऐसे में दो सिटींग विधायक का पार्टी छोड़ कर चले जाना बहुत बड़ी बात है। हालांकि कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य प्रेमचंद्र मिश्रा ने कहा कि इन दोनों विधायकों के जाने से पार्टी पे कोई असर नहीं पड़ेगा। इन दोनों को पिछले पांच सालों में कांग्रेस की गतिविधियों में कभी सक्रिय नहीं देखा गया।

इधर राजद को भी एक बड़ा झटका लगा। पूर्व मंत्री भोला राय, आरजेडी छोड़ कर जदयू में शामिल हो गये। कभी लालू के करीबी रहे वरिष्ठ नेता का पार्टी छोड़ना और परिवारवाद का आरोप लगाना सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

दूसरी तरफ महागठबंधन के दुसरे घटक दल रालोसपा को बड़ा झटका लगा। उपेन्द्र कुशवाहा के भरोसेमंद और परती के प्रदेश प्रवक्ता अभिषेक झा ने पार्टी और पद दोनों से इस्तीफा दे दिया और आनन- फानन में जदयू की सदस्यता ले ली।

मुंगेर के सांसद और जदयू के वरिष्ठ नेता ललन सिंह ने सभी को पार्टी के प्रदेश कार्यालय में सदस्यता दिलाई। अब ऐसा माना जा रहा है कि क हुनावी दंगल में विपक्ष का मनोबल तोड़ने के तहत इस तरह का सदस्यता अभियान चलाया जा रहा है।

Leave a Reply