तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश को दी खुली बहस की चुनौती, कहा- बिना गठबंधन के चुनाव लड़े तो 10 सीट मिलना भी मुश्किल

पटना, एमएम : बिहार में चुनाव को लेकर जुबानी हमला तेज हो गई है। राजद ने जदयू को खुली चुनौती दे दी है। तेजस्वी यादव ने कहा है कि वह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से खुली बहस को तैयार हैं। मुख्यमंत्री कहते हैं कि मै बिना ज्ञान के बोलता हूं तो तथ्यों के साथ बहस करने में हर्ज क्या है। आरोप लगाया कि सरकार शब्दों की बाजीगरी करती है।

बतादे कि जदयू के वर्चुअल रैली से पहले तेजस्वी ने दस सवालों की फेहरिस्त जारी की थी। रैली खत्म होने के बाद तेजस्वी ने कहा था कि मेरे किसी भी सवाल का जवाब नहीं दिया गया। अब तक तो सरकार आंकड़ों का फर्जीवाड़ा कर ही लोगों को गुमराह करती रही। अगर राजद का 15 वर्ष का जंगलराज था तो क्यों 2015 में जदयू ने गठबंधन क्यों किया था।

नेता प्रतिपक्ष ने सवाल किया कि सरकार बताए कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा घोषित 1.65 लाख करोड़ के पैकेज का कितनी राशि ख़र्च हुई और कहां हुई। 15 वर्षों में रोज़गार क्यों नहीं दिया, बिहार में उद्योग-धंधे क्यों नहीं लगा और बिहार में नियमित बहाली क्यों नहीं की गई। बेरोज़गारी दर देश में सबसे अधिक 46.6 प्रतिशत क्यों है? नीति आयोग के सारे सूचकांकों पर बिहार साल दर साल क्यों पिछड़ता चला गया? नीति आयोग की रिपोर्ट अनुसार शिक्षा, स्वास्थ्य व सतत विकास सूचकांक में यह राज्य अंतिम पायदान पर कैसे पहुंचा?

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला करते तेजस्वी ने ट्वीट कर कहा है कि नीतीश कुमार ने 1995 में  बिहार में अकेले विधानसभा चुनाव लड़ा था तो मात्र 7 सीट आयी थी। 2014 में लेफ़्ट के साथ मिलकर लड़े, तो मात्र 2 सीट आयी थी। नीतीश कुमार यदि जीवन में कभी भी अकेले चुनाव लड़ेंगे, तो प्रतापी चेहरे को दहाई के अंकों में भी सीट प्राप्त नहीं होगी।

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