पूर्वी चंपारण में बने सत्तर घाट पुल का मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया उद्घाटन, चंपारण की गोपालगंज, छपरा व सीवान से दूरी हो जाएगी कम

पटना, एमएम : बिहार के लिए यह चुनावी साल है। हरेक राजनीतिक दल अपने-अपने हिसाब से जनता को रिझाने में लगे हैं। उद्घाटन और शिलान्यास का कार्यक्रम जोरों पर है। ऐसे में भला सत्ताधारी पार्टी चुक जाए ऐसा संभव नहीं दिखता। उसी कड़ी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से चंपारण के सत्तर घाट पुल का उद्घाटन किया। 263.47 करोड़ रुपये की लागत से गंडक नदी पर बना सत्तर घाट पुल पर पूर्वी चंपारण जिले को गोपालगंज जिले से जोड़ेगा। बता दें कि केसरिया के ढेकहां गांव के गंडक नदी पर यह पुल बना है। इस पुल के बनने के बाद चंपारण की गोपालगंज, छपरा व सीवान से दूरी कम हो जाएगी।

इस मौके पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा है कि बिहार का कोई ऐसा जगह नहीं है जहां से पटना पांच घंटे में नहीं पहुंचा जा सके। ऐसा इसीलिए हो पाया है कि बिहार में सड़कों व पुलों का जाल हमने बिछा दिया है। उन्होंने कहा कि गंडक नदी पर साहेबगंज के बंगरा में बन रहे पुल का अगले माह वे उदघाटन करेंगे। सीएम ने कहा कि वे सड़क मार्ग से केसरिया के सत्तर घाट में पुल देखने आएंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2005 तक बिहार में पुलों की संख्या बहुत कम थी। लेकिन आज पुल-पुलिया का जाल बिछा हुआ है।

इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि हम लोग पुल बनाते ही नहीं बल्कि उसकी मरम्मत पर भी ध्यान देते हैं। उसी तरह सड़क बनाने के अलावा उसके रख-रखाव का भी प्राक्कलन बनवाते हैं। जिससे कि सड़क लंबे समय तक ठीक रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि 20 अप्रैल 2012 को हमने ही केसरिया आकर पुल का शिलान्यास किया था। आज उदघाटन कर रहे हैं। इस अवसर पर केसरिया में जिले के प्रभारी मंत्री विनोद नारायण झा, कला एवं संस्कृति मंत्री प्रमोद कुमार सहित अन्य नेता थे।

हालांकि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुख्य सचिव को आदेश दिया है कि अब वर्चुअल कार्यक्रम की बजाय मौके पर जाने की तैयारी करें। वहां जाकर पुल का उद्घाटन करते तो अच्छा लगता। हमलोग केंद्र सरकार के गाइडलाइन के अनुसार चल रहे हैं। अगली बार कोई कार्यक्रम हो तो वहां मेरी जाने की व्यवस्था करें और इस तरह तैयारी करें कि लोगों को भीड़ न हो। लोग कार्यक्रम में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें।

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