38 साल बाद मधुबनी के डुमरियाही नहर में आया पानी, किसानों के चेहरे पर दिखी खुशी

मधुबनी, एमएम : कहते हैं किसान ही देश का भगवान होता है। अगर किसान ना हो तो किसानी कौन करेगा और अनाज कहां से आएगा ।अगर अनाज ना हुआ तो हम मनुष्य क्या खाकर जिंदा रहेंगे। जब देश के किसानों के चेहरे पर मुस्कान दिखती है तो वाकई मानो धरा दिल खोल के देती है। जी हां। बिहार का मिथिला क्षेत्र जो कभी अन्न का भंडार कहा जाता था आज बाढ़ की विभीषिका और सुखाड़ के कारण किसान पलायन पर मजबूर हैं। लेकिन बदलते परिवेश में एक बार फिर किसान किसानी पर लौट रहे हैं।

चुनावी साल है। शिलान्यास और उद्घाटन का काम जोरों पर है। इसी कड़ी मुख्यमंत्री ने जल संसाधन विभाग के विभिन्न परियोजनाओं का उदघटना और शिलान्यास किया। इसी में मधुबनी जिला के अंधराठाढ़ी प्रखंड स्थित डुमरियाही उप वितरणी नहर का लोकार्पण बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने वर्चुअल तरीके से किया। प्रखंड के हररी एवं ननौर गांव के बीच आरडी 138 के पास एक भव्य कार्यक्रम पचिमी कोशी नहर प्रमंडल झंझारपुर की ओर से आयोजित की गई।

जिलाधिकारी नीलेश रामचंद्र देवरे ने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मुख्यमंत्री द्वारा वर्चुअल उद्घाटन का सीधा प्रसारण लोगों को दिखाया। इस लोकार्पण कार्यक्रम में एसपी सत्यप्रकाश, एसडीओ शैलेश कुमार चौधरी, सीओ प्रवीण कुमार वत्स, बीडीओ राजेश्वर राम समेत जिले के आला अधिकारियों ने शिरकत किए।

बतादें कि यह इस इलाके के चिर लंबित अधूरी योजना थी। इसके निर्माण से दर्जनों गांव के सैकड़ों किसान के हजारों एकड़ जमीन की पटवन संभव हो सकेगी। राज्य के मुख्यमंत्री एवं मौजूदा जल संसाधन विभाग के मंत्री संजय झा के प्रति लोगों ने ख़ुशी जतायी है।

मालूम हो कि 38 वर्ष पूर्व सन 1982–83 में डुमरीयाही उपवितरणी नहर स्वीकृत हुआ था। भूमि अधिग्रहण के बाद 1990 में नहर का निर्माण कार्य शुरू हुआ। 90 फीसदी से अधिक निर्माण कार्य पूर्ण हो चुका था। दस फीसदी कार्य में बसवा गाँव से रेलवे तक एवं नवनगर गाँव में नहर निर्माण शेष रह गया था जिसे पूर्ण कराया गया है।

बतादें कि नहर चालू हो जाने से बसबा, धत्ता, डुमरा, रुद्रपुर, नवनगर, कोरियापट्टी , ननौर, डुमरीयाही, जलसेन, मदना, मदनपट्टी, रही टोल, भगवतीपुर के किसानो में खुशी का माहौल है।

बताते चलें कि बुधवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार डुमरीयाही उप वितरणी नहर का संध्या 4.30 बजे रिमोट से उद्घाटन कर जनता को समर्पित किया। इस नहर उप वितरणी के चालू होने से नहर और सुगरवे नदी के बीच का भूभाग ग्रीन एरिया में तब्दील हो जाएगा। दोनों के पानी से किसान तीन फसल उगाने के साथ साथ बड़े पैमाने पर सब्जी की खेती भी करेंगे। पशुपालक की संख्या भी बढ़ेगी। पलायन भी रूकेगा। पश्चिमी कोशी नहर के कार्यपालक अभियंता अमरेंद्र कुमार पाठक ने बताया कि झंझारपुर शाखा नहर पक्षिमी कोशी मुख्य नहर के 69 बिंदु दूरी पर निकलती है। वहा से 42.07 किमी. लंबी उपवितरणी अधूरी थी। उसके शेष कार्य के साथ सम्पूर्ण उपवितरणी की पुर्न स्थापना कार्य 2019 मे 3394.58 लाख की लागत से शुरू हुआ। निर्माण के बाद अंधराठाढ़ी, झंझारपुर, लखनौर, मधेपुर के बड़े भूभाग लगभग 33000 हेक्टेयर भूभाग में सिंचाई की सुविधा मिलेगी।

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