बिहार के दरभंगा में आम चुनने गई नाबालिग से किया गया बलात्कार, पीड़िता की हुई मौत

दरभंगा, एमएम : बिहार के दरभंगा जिला से एक बुरी खबर सामने आई है। जिले के पतोर ओपी क्षेत्र में संदिग्ध अवस्था में मृत पायी गयी 13 साल की किशोरी की मौत के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। मामला बुधवार का बताया जा रहा है। गुरुवार को लड़की के परिजनों ने आम चुनने गई किशोरी की रेप कर हत्या करने की एफआईआर कराई है। पूरे मामले में एपीएम थाने में चार एफआईआर दर्ज कराई गई है। पहली एफआईआर मृतका के पिता ने पूर्व सैनिक अर्जुन मिश्र, उनकी पत्नी पूनम देवी और हरिसुन्दर मिश्र के विरुद्ध दर्ज करवायी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक इसमें तीनों को किशोरी की गला दबाकर हत्या करने और अर्जुन पर दुष्कर्म करने के साथ अनुसूचित जाति उत्पीड़न करने का भी आरोप लगाया गया है।
वहीं दुसरे केस में पतोर ओपी अध्यक्ष सुभाष चंद्र मंडल ने गृहस्वामी अर्जुन मिश्र के विरुद्ध उनके घर से विदेशी शराब बरामदगी को लेकर करायी है। तीसरी एफआईआर भी थानाध्यक्ष ने ही 17 नामजद समेत 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ सरकारी काम में बाधा डालने का आरोप लगाने में कराई है। साथ ही उनमें से एक नामजद को सिपाही की जान मारने की नीयत से उसका गला दबाने व दूसरे नामजद को एक पुलिस अधिकारी की जेब से रुपये निकाल लेने का अतिरिक्त आरोप लगाया है।
वहीं चौथी एफआईआर आरोपी पूनम देवी ने लिखवाई है। पूनम ने अपने घर में हुई लाखों की नकदी व जेवरात की लूट और कीमती सामान को तोड़फोड़ कर नष्ट करने का आरोप लगाते हुए 17 नामजदों समेत अन्य 150 अज्ञात को आरोपी बनाया है। खास बात ये है कि इसमें लगभग वही नामजद हैं जिन्हें थानाध्यक्ष ने भी अपने केस में नामजद किया है। एपीएम थानाध्यक्ष ने एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि करते हुए कहा कि मामले की छानबीन की जा रही है।
गौरतलब है कि पतोर में बुधवार को 13 वर्षीया किशोरी की संदिग्ध अवस्था में पतोर ओपी क्षेत्र के अर्जुन मिश्र के कंपाउंड में लाश मिली थी। इसके बाद उग्र ग्रामीणों ने घर मालिक के घर में तोड़फोड़ की थी। आक्रोशित ग्रामीणों ने पतोर ओपी का घेराव भी किया था। लोगों के उग्र होने की जानकारी मिलने के बाद एसएसपी बाबू राम भी मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने किसी तरह लोगों को समझा-बुझाकर शांत किया था। हालांकि उस समय एसएसपी ने करंट लगने से भी किशोरी की मौत होने की आशंका जताई थी।

लेकिन अब यह मामला तूल पकड़ता जा रहा हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इस मामले में पुलिस ढिलाई बरत रही है। वहीं अब तक इस मामले में आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। आक्रोशित ग्रामीणों ने इस घटना के विरोध में सड़क जाम भी किया और पुलिस कप्तान के आश्वासन के बाद जाम को खुलवाया गया।

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